कहानी का शीर्षक: गिल्लू

कहानी का शीर्षक: गिल्लू

कहानीकार: महादेवी वर्मा

कहानी का सारांश:

यह कहानी एक गिलहरी गिल्लू के बारे में है जो लेखिका महादेवी वर्मा को प्रिय हो जाती है। गिल्लू एक छोटी सी गिलहरी थी जो एक दिन लेखिका के बरामदे में गिरी हुई थी। लेखिका ने उसे देखा और देखा कि वह घायल है। उन्होंने उसे घर ले आई और उसकी देखभाल की। गिल्लू जल्दी ही स्वस्थ हो गई और लेखिका की सबसे प्रिय मित्र बन गई।

गिल्लू बहुत चंचल और प्यारी थी। वह लेखिका के साथ खेलती थी, उसके साथ खाती-पीती थी और उसके साथ सोती थी। लेखिका भी गिल्लू से बहुत प्यार करती थीं।

एक दिन, लेखिका को मोटर दुर्घटना में चोट लग गई। गिल्लू बहुत चिंतित थी। वह लेखिका के पास से दूर नहीं जाती थी और उसे सहलाती रहती थी। लेखिका जल्दी ही ठीक हो गईं और गिल्लू बहुत खुश हुई।

कुछ साल बाद, गिल्लू की मृत्यु हो गई। लेखिका बहुत दुखी हुईं। उन्होंने गिल्लू को सन जूही की लता के नीचे दफनाया।

कहानी के पात्र:

  • लेखिका महादेवी वर्मा
  • गिल्लू (गिलहरी)

कहानी की प्रमुख विशेषताएं:

  • यह कहानी एक गिलहरी और इंसान के बीच प्रेम और स्नेह की कहानी है।
  • यह कहानी हमें यह बताती है कि जानवर भी इंसानों की तरह प्रेम और स्नेह की भावना रखते हैं।
  • यह कहानी हमें यह भी बताती है कि हमें प्रकृति और उसके जीवों का सम्मान करना चाहिए।

पाठ का सार

इस पाठ में, लेखिका महादेवी वर्मा ने एक छोटे से गिलहरी के बच्चे के साथ अपनी दोस्ती के बारे में लिखा है। लेखिका ने गिलहरी का नाम गिल्लू रखा था। गिल्लू एक घायल गिलहरी थी जिसे लेखिका ने अपने घर ले आई थी और उसका इलाज किया था। गिल्लू जल्दी ही लेखिका की सबसे अच्छी दोस्त बन गई। वह लेखिका के साथ खेलती थी, उसे खाना खिलाती थी, और उसे कंपनी देती थी। गिल्लू लेखिका के लिए एक ऐसा साथी थी जिसे वह हमेशा याद रखेगी।

पाठ के मुख्य बिंदु

  • लेखिका ने एक घायल गिलहरी का इलाज किया और उसका नाम गिल्लू रखा।
  • गिल्लू एक बुद्धिमान और स्नेही गिलहरी थी।
  • गिल्लू लेखिका की सबसे अच्छी दोस्त बन गई।
  • गिल्लू लेखिका को जंगल के बारे में बहुत कुछ सिखाया।

एक दिन, लेखिका महादेवी वर्मा अपने घर के बरामदे में बैठी थीं कि उन्होंने एक छोटे से गिलहरी के बच्चे को देखा। गिलहरी घायल थी और कौवों द्वारा पीड़ित हो रही थी। लेखिका ने गिलहरी को बचाया और उसे अपने घर ले आईं। लेखिका ने गिलहरी का इलाज किया और उसका नाम गिल्लू रखा।

मुख्य भाग

गिल्लू जल्दी ही लेखिका की सबसे अच्छी दोस्त बन गई। वह लेखिका के साथ खेलती थी, उसे खाना खिलाती थी, और उसे कंपनी देती थी। गिल्लू एक बुद्धिमान और स्नेही गिलहरी थी। वह लेखिका की हर बात समझती थी और उसका साथ देती थी।

एक दिन, लेखिका बीमार हो गईं और उन्हें अस्पताल जाना पड़ा। गिल्लू लेखिका के बिना बहुत उदास हो गई। वह लेखिका के कमरे में आकर बैठती थी और उसे देखती रहती थी। लेखिका के ठीक होने पर, गिल्लू बहुत खुश हुई। वह लेखिका के साथ खेलने लगी और उसे कंपनी देने लगी।

गिल्लू ने लेखिका को जंगल के बारे में बहुत कुछ सिखाया। उसने लेखिका को पेड़ों पर चढ़ना, फल खाना और पक्षियों की आवाजें सुनना सिखाया। गिल्लू की वजह से लेखिका जंगल के बारे में बहुत कुछ जानने लगीं।

निष्कर्ष

गिल्लू लेखिका के लिए एक अनमोल दोस्त थी। उसने लेखिका को बहुत कुछ सिखाया और उसे खुशियाँ दीं। लेखिका गिल्लू को हमेशा याद रखेगी।

पाठ के कुछ विशिष्ट उदाहरण

  • गिल्लू लेखिका के साथ छुपा-छुपी खेलती थी।
  • गिल्लू लेखिका के बालों में बैठती थी और उसे सहलाती थी।
  • गिल्लू लेखिका को जंगल में फूल लाती थी।

पाठ की कुछ विशेषताएँ

  • पाठ में एक सरल और सहज भाषा का प्रयोग किया गया है।
  • पाठ में एक आकर्षक और रोचक कहानी है।
  • पाठ में मानवीय मूल्यों और नैतिकता का समावेश है।

पाठ का मूल्यांकन

यह एक सुंदर और प्रेरक पाठ है। यह पाठ हमें सिखाता है कि हमें पशु-पक्षियों का सम्मान करना चाहिए और उनकी रक्षा करनी चाहिए। यह पाठ हमें यह भी सिखाता है कि दोस्ती की कोई सीमा नहीं होती है।

गिल्लू’ पाठ के आधार पर मनुष्य और पशु-पक्षी के परस्पर संबंध का उल्लेख कीजिए

‘गिल्लू’ पाठ में मनुष्य और पशु-पक्षी के परस्पर संबंधों को दर्शाने के लिए कई महत्वपूर्ण संदेश हैं।

  1. प्रेम और समर्पण: लेखिका ने गिल्लू के प्रति अपना प्रेम और समर्पण दिखाया है। उन्होंने एक घायल गिलहरी को अपने घर ले आई और उसका इलाज किया, जिससे एक गहरा बंधन बना।
  2. दोस्ती का महत्व: गिल्लू ने लेखिका के साथ एक अद्वितीय दोस्ती का परिचय किया। इससे हमें यह सिखने को मिलता है कि दोस्ती का महत्व न केवल मानवों के बीच होता है, बल्कि पशु-पक्षियों के साथ भी।
  3. प्राकृतिक संरक्षण: गिल्लू की मदद से लेखिका ने जंगल के बारे में और भी बहुत कुछ सीखा। यह हमें बताता है कि प्राकृतिक संरक्षण में हमें पशु-पक्षियों का साथ देना चाहिए।
  4. संबंध स्थापित करना: गिल्लू के माध्यम से पाठ ने संबंध स्थापित करने की महत्वपूर्णता को बताया है। मानव और पशु-पक्षी के बीच एक साथीपन और साझेदारी का अहसास होता है।
  5. उदारता और सहानुभूति: गिल्लू के माध्यम से पाठ ने उदारता और सहानुभूति की भावना को बहुत सुंदरता से प्रस्तुत किया है। लेखिका ने गिल्लू के प्रति अपनी सहानुभूति और प्यार को दर्शाया है।

इस पाठ से हमें यह सिखने को मिलता है कि हमें प्राकृतिक संरक्षण, पशु-पक्षियों के साथ मित्रता, और साझेदारी में योगदान करना चाहिए।

हमारे देश में साहित्य के क्षेत्र में हिंदी लेखिकाओं का बहुमूल्य योगदान रहा है। किन्हीं पांच लेखिकाओं के बारे में सम्पूर्ण जानकारी एकत्रित कीजिए और उनका विवरण प्रस्तुत करते हुए फाइल तैयार कीजिए।

  1. महादेवी वर्मा:
    • जन्म: 26 मार्च 1907, फरुखाबाद, उत्तर प्रदेश
    • मृत्यु: 11 सितंबर 1987, प्रयाग, उत्तर प्रदेश
    • योगदान: हिंदी साहित्य की महान लेखिकाओं में से एक, महादेवी वर्मा ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में सामाजिक सुधार के लिए आवाज बुलंद की।
  2. उमा शंकर जोशी:
    • जन्म: 31 मार्च 1911, आलाबाद, उत्तर प्रदेश
    • मृत्यु: 28 फरवरी 1983, नई दिल्ली
    • योगदान: उमा शंकर जोशी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की।
  3. महादेवी भागवत:
    • जन्म: 16 अगस्त 1924, रायपुर, छत्तीसगढ़
    • मृत्यु: 11 डिसेंबर 1988, मुंबई, महाराष्ट्र
    • योगदान: भारतीय साहित्य और संस्कृति के प्रमुख आलेखिकाएँ महादेवी भागवत ने अपने लेखन के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को उत्तेजित किया।
  4. इश्वरी प्रसाद:
    • जन्म: 4 जनवरी 1900, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश
    • मृत्यु: 21 अगस्त 1976, दिल्ली
    • योगदान: इश्वरी प्रसाद ने अपने कविताओं के माध्यम से महिला और समाज के मुद्दों पर चर्चा की।
  5. कृष्ण सोबती:
    • जन्म: 23 जनवरी 1925, गुजरात
    • मृत्यु: 4 जून 2004, दिल्ली
    • योगदान: कृष्ण सोबती ने अपनी कहानियों और नाटकों के माध्यम से महिलाओं के जीवन और समस्याओं पर प्रकट भावनाओं को छूने का कार्य किया।

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